डा.अंजु लता सिंह 'प्रियम'
Literary Colonel*लेखन में निरंतर सक्रिय, अब तक अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लगभग दो हजार आठ(2008) रचनाएं प्रकाशित. *चार पुस्तकें प्रकाशित. *प्रकाशित पुस्तकें- 1.आंचलिक उपन्यासों के परिप्रेक्ष्य में फणीश्वरनाथ रेणु का विशेष अध्ययन.( शोध ग्रंथ) 2.काव्यांजलि-कविता संग्रह 3.सारे जमीं पर-कविता संग्रह 4.महकता हरसिंगार-लघुकथा संग्रह *साहित्य लेखन एवं शिक्षण के क्षेत्र में अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त.बारह शोधपत्र प्रकाशित,तीन पुस्तकें प्रकाशनाधीन. *हिंदी व्याख्याता के पद पर अध्यापनानुभव(32वर्ष) (सागर विश्व विद्यालय, म.प्र./केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली) संप्रति-लेखन में सक्रिय संक्षिप्त परिचय *डा.अंजु लता सिंह 'प्रियम' *पिता का नाम.डा.विजयपाल सिंह (सेवानिवृत्त प्राचार्य) *एम.ए,पी एच.डी(हिंदी)/बी.एड *बत्तीस ( 32) वर्षों का हिंदी व्याख्याता पद पर अध्यापनानुभव (क्रमशः हरि सिंह गौर वि.वि.,सागर(म.प्र.)एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली. *चार बैस्ट टीचर्स अवार्ड्स से सम्मानित *केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली द्वारा कारगिल विजय पर रचित नाटिका 'उजाले की ओर' पर पुरस्कृत एवं सम्मानित, *राजभाषा समिति,भारत सरकार द्वारा राजभाषा शील्ड से सम्मानित. *साहित्य लेखन और पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यास पुरस्कार से सम्मानित. *चार पुस्तकें प्रकाशित. *तीन पुस्तकें प्रकाशनाधीन. अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लगभग आठ सौ रचनाएं प्रकाशित. *जल मंत्रालय, भारत सरकार,दिल्ली द्वारा *स्वरचित नाटिका"बिन पानी सब सून" के लेखन और मंचन हेतु पुरस्कृत एवं सम्मानित. *संप्रति- गैर सरकारी समाज सेवी संस्था "प्रतिभा विकास मिशन" की संचालिका पद पर कार्यरत. * महिला काव्य मंच (रजि.) की दक्षिणी दिल्ली इकाई में अध्यक्ष पद पर सक्रिय. _
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