120Log inSign up

Preshit Gajbhiye

Literary Colonel
1Followers
0Following
4Works

ना ही मैं शायरों जैसा सुना सकता , ना ही शायरों जैसा मेरा लिबास है .. कोशिश रहती है बस तुम्हारा दिल बहला सकूं , इसे अखबार मत समझना मेरी ज़िंदगी की क़िताब है .. 🙏

No stories yet.