120Log inSign up
Poem · Inspirational

हमारे वृक्ष

by priyanka yadav ✓ · 28 Aug 2020

77Reads
3Likes
1Min read

जी करता है उसकी आँचल मे सो जाऊं, उसे छूकर मै भी सितल हो जाऊ। सावन सी हरियाली जिसकी, सेवा करता हर माली जिसकी। उसका हवा से यूँ ताल बिठाना, जाते राहि को यूँ रिझाना।

Loading comments…

हमारे वृक्ष · StoryMirror