by priyanka yadav ✓ · 28 Aug 2020
जी करता है उसकी आँचल मे सो जाऊं, उसे छूकर मै भी सितल हो जाऊ। सावन सी हरियाली जिसकी, सेवा करता हर माली जिसकी। उसका हवा से यूँ ताल बिठाना, जाते राहि को यूँ रिझाना।
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