120Log inSign up
Audio · romance

दीदार-ए-यार

by मोहनजीत कुकरेजा (eMKay) ✓

0Reads
0Likes
2Min read

धड़का था दिल जब ज़ोर से पहला प्यार ही तो नहीं था ? रहता मुझको रात दिन उसका इंतज़ार ही तो नहीं था ?

Loading comments…

दीदार-ए-यार · StoryMirror