by Vikas Sharma ✓
ऐसे तमाम सवालों में, मैं प्रश्न वो हल हो जैसे, सूरज की किरने धरती को सींच रही हो जैसे, और मैं सूर्यमुखी-सा उसमें झूम रहा हूँ.
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