by Lata Tejeswar renuka ✓
अनुपमा ने कुर्सी से उठ कर आगे बढ़ते हुए कहा, "काश की सब बच्चे आप जैसा सोचते तो शायद आज इन वृद्धाश्रम की जरूरत ही नहीं होती। चलिए आप को सब से मिलवाती हूँ।"
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