Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#अमर
151 poems
“जिसने सर्वस्व निछावर कर, आजादी का नेतृत्व किया”
Vishal Agarwal · 3 min read · 13.5K reads
ऐसे ही बेटों के ऊपर माता बलिहारी जाती हैंऐसे ही अमर सपूतों की आरती उतारी जाती है
Others
इन्कलाब
Kumar Sonu · 1 min read · 352 reads
हम बन कर शेर दहाड़े हैं मगर गंगा की लहरों में शांति का साज़ अमर रहे ।।
Inspirational
कुछ करना है।
Shaurya Parmar · 1 min read · 421 reads
अरमान इतना ही है कि, मरने से पहले कुछ करना है।
Abstract
मन सुरभित कर लो
Kulwant Singh · 1 min read · 305 reads
स्वर्ण उषा की लाली देखो नव प्रभात मन सुरभित कर लो।
Abstract
जब कोई मरता है
Yudhveer Tandon · 2 min read · 345 reads
न समझे वो यहाँ सब चलता है, देर सवेर पाप घड़ा फटता है।
Abstract
इम्तिहान-ऐ-जिन्दगी
Kunal Meghwanshi · 2 min read · 209 reads
बंजर पड़ी मेरी जिंदगी को... अब मुझे थोड़ा-सा ही सही हरा- भरा तो बनाना है...
Abstract
Loading…
Next page →