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#आगए
63 poems
तुम जब सिमट के
Nirav Rajani "शाद" · 1 min read · 231 reads
तुम जब सिमट के मेरी बाहो में आ गए , लाखो अरमां पल में पूरे हो गए । देखा था हमने ख
Romance
ये कहाँ आ गये हम ?
Harsh Singh · 2 min read · 41 reads
दूसरों की मदद करने वाले आज खुद की परिस्थिति से जूझ रहे।
Tragedy
हम मुमिन से काफिर बन गए
Vivek Netan · 1 min read · 314 reads
दर्द ज़िंदगी के कुछ इस कदर बढ़ गए कभी गीत तो कभी गजल बन गए जब से निकाल फेंका आप ने दि
Romance
हम मिले नहीं
Praveen Gola · 1 min read · 244 reads
एक वायरस ने आकर , बना दी कितनी दूरी , दो प्रेमियों के बीच।
Romance
फिर याद रहे बसन्त हमारे
MITHILESH NAG · 1 min read · 163 reads
साथ चले जब मौसम राही कभी बदल गए मौसम यही फिर याद रहे बसन्त हमारे ।।
Others
माँ
Anita Jha · 1 min read · 3.1K reads
माँ तुम आ जाओ पास हमारे घर आगंन का दीप जला, बादलों में क्यूँ छिप जाती हो
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