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#कहर
94 poems
'समंदर का कहर'
Arpan Kumar · 1 min read · 6.8K reads
सुनामी सब कुछ सूना कर जाती है।
Abstract
हो रहा है विनाश धीरे धीरे
Jagdish Pandey · 1 min read · 20.3K reads
हो रहा है कैसा आज असर धीरे धीरेइंसानियत उगल रहा जहर धीरे धीरेविवश हो प्रकृत भी प्रलय की आड मेंढा रहा है वो भी अब कहर धीरे धीरे
Others
दिल तोड़ना अच्छा नहीं..
कॉमरेड आर्य · 1 min read · 276 reads
फिर किसी को ठोकरों में लाना अच्छा नहीं !
Classics
ज़िन्दगी
Sangita Gangwar · 1 min read · 394 reads
जैसे बनाया है ना तूने मेरा तमाशा मैं भी तुझे एक रोज़ बतलाऊंगी।
Drama
क़रिया-ए-इंतिज़ार में उम्र
अहमद अज़ीम · 1 min read · 470 reads
रात का कोई पहर है तेज़ हवा का कहर है ख़ौफ-ज़दा दिलों में सब हर्फ़ दुआ के आए हैं।
Drama
घर
शशि कांत श्रीवास्तव · 1 min read · 122 reads
निकल पड़े इक अनजाने बेगाने सफर पर जीने को विस्थापित सा जीवन छोड़ अपने सुखधाम को।
Tragedy
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