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#काया
95 poems
शब्द
Anima Das · 1 min read · 14.1K reads
मैं बहती शुष्क सी, कांतिहीन कुरूप माया , तुम मधुर रस से, मैं तिक्त अनुभूतियाँ .....
Romance
प्रदूषण युक्त इंसान
Jitendra Vijayshri Pandey · 1 min read · 237 reads
इतना निष्ठुर मत बन जाओ, मेरे प्यारे अब इंसान बन जाओ।
Abstract
काले साये की शिकार
Bhavna Thaker · 1 min read · 428 reads
कुचली काया कली नाजुक सी
Tragedy
ख़्वाबों की ताबीर
Sajida Akram · 1 min read · 237 reads
तुमसे है ये जहां रोशन तुमसे है मेरे घर आंगन की।
Others
मुसाफ़िर
Sudhir Kewaliya · 1 min read · 270 reads
हर बीते लम्हे को बनाकर याद कुछ अपनों के लिए उनकी ज़िंदगी में।
Abstract
पिंजड़ा
Vandana Singh · 1 min read · 4.5K reads
मैं जितना भी चाहूँ बेड़ियाँ तोड़ नहीं पाया अपनी इस काया का साथ छोड़ नहीं पाया।
Drama
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