StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- सूरज और बसंतKAVY KUSUM SAHITYA · 2 min read · 344 readsभीतर से बाहर निकल जगत खुश रंग कली फूल की किस्मत के संग !Abstract
- बेहतर बनूं !Amar Mandal · 1 min read · 247 readsबेहतर बनूं चांदनी,
ठंडक दूं,
जो धूप में है तपा।Abstract
- प्रीत पियु कीBhavna Thaker · 1 min read · 238 readsउजली सी एक बूँद अनमोल
सुगंधित सी मेरे लब पे ठहरी,Romance
- मांPrem Bajaj · 1 min read · 27 readsजीवन पथ पर आगे बढ़ना सीखाती मां,
मेरी ताकत, मेरा साहस, मेरी मां।Abstract
- प्रकृति ही स्वर्गTripti Dhawan · 1 min read · 23.1K readsइतनी सुंदरता, इतना अनुपम धरालत,
न जाने कब, कैसे किसने बनाये।Abstract
- प्रेम गागरRuchika Rai · 1 min read · 321 readsदया सहनशीलता बिन कैसे रहे प्यार,
प्रेम रूपी गागर में जीवन दें वार।Abstract
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