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#घंटी
12 poems
मैं कौन हूँ
Poonam Poornashri · 1 min read · 1.2K reads
सुन नहीं सकूँगी मैं टन - टन ज़िंदगी की ! मैं कौन हूँ........।
Tragedy
तेरी राह
Maitry Bhandari · 1 min read · 293 reads
तकती रही खिड़की पर बैठ कर रस्ता पे आया ना तू एक बार भी अपनी झलक दिखाने।
Romance
खिड़की बचपन की
Ritu Sama · 1 min read · 370 reads
टीचर की डाँट पे भी हँसी की फुआर आखरी बेंच पे किलकारियों की कतार एक दूसरे की नोटबुक पे लिखना चुटकुले और अनकहे राज़ कई हज़ार
Abstract
स्कूल के दिन
Mahak Garg · 3 min read · 139 reads
स्कूल से घर चलकर जाना साथ में मस्ती और साथ में डाँट खाना
Others
घंटी
Poonam Garg · 1 min read · 383 reads
छुट्टी की घंटी को सुनकर बालक नाचे ठुमक ठुमक।
Children
भूगर्भ जल कोश उदास
"निर्मूणी"@ संजीव कुमार मुर्मू · 1 min read · 337 reads
भूगर्भ जल कोश उदास सृष्टि की फूल रही सांस बाज रही खतरे की घंटी।
Abstract
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