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#घर
2143 poems
मेरे घर
Supriya Devkar · 1 min read · 120 reads
तुम बहुत ही खास हो मेरे प्रिय घर.
Abstract
साजिश
Sweta Kansal · 1 min read · 7.3K reads
साजिश एक ऐसा शब्द है जो किसी की भी ज़िंदगी खराब कर सकता है। हमारी ज़िंदगी में भी बहुत सी साजिशे होती हैं हम बस उनको पहचान नही पाते ओर उनका इल्ज़ाम दूसरों पर या तक़दीर पर डाल देते हैं।
Fantasy
घर में
Reeta Ram · 1 min read · 14.2K reads
घर में
Others
घर घर मोदी
Jai Kumaar · 1 min read · 384 reads
हर घर में है मोदी की चाहत !
Drama
बदल गया हूँ मैं
Sonia Chetan kanoongo · 1 min read · 384 reads
हाँ बदल गया मेरा वजूद ही तबसे, बदल गयी मेरी दुनिया जबसे।
Tragedy
ज़िंदगी
Ritika Mishra · 1 min read · 327 reads
बड़ी गाड़ी या नोट आँखें चमका दे अब उनकी वो औकात नहीं।
Drama
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