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#चमन
112 poems
बालपन
Leena Kheria · 1 min read · 359 reads
लक्ष्य पाना है कर पूर्ण समर्पण है नितांत निस्वार्थ बालपन।
Abstract
नन्हे बच्चे
Nitu Arora · 1 min read · 490 reads
उनका ये बचपना देख हम बड़े भी कभी तो खुश हो जाते।
Drama
ज़िंदगी
Dr Ranjana Verma · 1 min read · 280 reads
उदास मुखड़े दे जाती हैं खुशबू की सौगात और बदल जाती है तपती दोपहर में।
Abstract
जवानी चार दिनों की है
Akhtar Ali Shah · 2 min read · 227 reads
नयन निमंत्रित करते जब जब पढ़ नयनों की भाषा। कजरे ,गजरे की भी अपनी होती हैं अभिलाषा ।।
Romance
जुस्तजू
Sheela Sharma · 1 min read · 415 reads
कारवां से बिछड़ गये ,हम चले राह अजनबी जुनून की ,सुकून की ,यकीन की कर जुस्तजू
Abstract
झूला झूले राधा रानी
Meenakshi Kilawat · 1 min read · 508 reads
पवन लहरों पर करता बसेरा मनमोर चढ़कर करता है बसेरा।
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