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#चरण
73 poems
स्वागत कर जो घड़ी पड़ी है
gyayak jain · 1 min read · 250 reads
क्या करूँ मैं निंदा पर की, अपने ही जब वक्त बदलते।
Tragedy
पिता के अश्रु
आलोक कौशिक · 1 min read · 174 reads
हिय से तुम करो श्रवण
Others
जादू तेरे चरण में रघुवर
अमित प्रेमशंकर · 1 min read · 233 reads
लेगा चरणों की सुधि केवट तब ही पार ले जाए।।
Abstract
अंतिम विदाई
Chandramohan Kisku · 1 min read · 329 reads
जो सफेद कपड़ा में थी और उसकी आँखों में आँसू थे।
Tragedy
हम रज तेरे चरणों की
Ashok Kumar Gound · 1 min read · 7.1K reads
सुख समृद्धि घर-घर बरसे सुन लो मेरी पुकार। हम रज तेरे चरणों की नमन करो स्वीकार।
Drama
सागर के पार
Rashmi Lata Mishra · 1 min read · 361 reads
मानो अब भी वृक्ष तले बैठी ज्यों सीता माई हैं
Abstract
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