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#छवि
84 poems
दिव्य मन
Lakshman Jha · 1 min read · 479 reads
मिल गया यहीं सभी आज हमें जीवन में, मिल गया यहीं सभी ! मधुर मधुर चाँदनी , छिटका रही छवि ! कल्पना से भर उठी,
Fantasy
अनजान सफर के तहत
अपर्णा गुप्ता · 1 min read · 172 reads
दिल तुझे दिया था कभी उसी दिल के लिये वही तेरी याद अपने दिल से लगाये बैठी हूं
Abstract
हमारा प्रेम
Bhawna Kukreti · 1 min read · 248 reads
तुम्हारी गढ़ी छवि को अपने व्यक्तिव में, समाहित करने, अंतत: विदा होने।
Romance
हिंंद से हिंदी
तन्मय जैन · 1 min read · 222 reads
पूरव सै लेकर पश्चिम तक और दक्षिण से पूरे उत्तर तक।
Abstract
मैं कौन हूं ?
Chakravarti S Kumar · 1 min read · 206 reads
मैं अर्धरात्रि का एक प्रतिबिंब हूं मैं टुकड़ों में ख़ुद को ढूँढता एक छवि हूं।।
Inspirational
मै लिख दूँगा
निखिल कुमार अंजान · 1 min read · 346 reads
अंजान समझकर ही चेहरे पर मुस्कान रख लेना।
Romance
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