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#ठंड
67 poems
रंग और उमंग..!
Abhishek Singh · 1 min read · 242 reads
कुछ ऐसा पर्व होली का, हर पर्व में सबसे ख़ास है।
Abstract
कविता- ठंड में ठिठुरती ज़िन्दगी
Shyam Kunvar Bharti · 1 min read · 1.1K reads
हड्डियाँ हिलाती बदन कंपाती गर्मी की चाह मांगती बैठाकर रिक्से सवारी पहुंचाता उसके मंजिल तक खुद मंजिल पता नहीं मुर्दा उम्मी
Others
सर्द होती रातें
निखिल कुमार अंजान · 1 min read · 1.6K reads
इन लावारिसों की लाश देख क्यों नहीं ये दिल पसीज जाते शायद ये छोटी सी कोशिश किसी का जीवन बचा दे...
Inspirational
ठंड के सात रंग
Jyoti Khare · 1 min read · 637 reads
गरीब मजदूरों के नसीब में नहीं है न अदरक की चाय न जीवन की चाह--
Drama
सर्द रात
Swati Vats · 1 min read · 359 reads
लडखड़ाती हुई उसकी आवाज, तजुर्बा अपना बताता वो जाँबाज़। बयान करता है जीवन सुखन, काँपता हुआ वो बूढ़ा बदन।
Drama
ठंड का मर्ज
Sampoorna Raj · 1 min read · 512 reads
फिर एक साथ लोग मिलकर बोले यही है "ठंड का असल मर्ज"!
Drama
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