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#ठहर
20 poems
निवेदन
Chandra Prabha · 1 min read · 98 reads
ऐसी भी क्या जल्दी है, ज़रा ठहर सुस्ताने दो।
Fantasy
जिंदगी ठहर गई
Sunita Katyal · 1 min read · 290 reads
वक़्त ने भी कहा , भाग लो जितना चाहे, लो मै तो अब ठहर गया ।
Abstract
बेवक्त वक्त
Vipin Baghel · 2 min read · 11.9K reads
वक्त ने,उस वक्त को इस कदर संभाला , कि वो वक्त , अब बेवक्त हो गया।
Abstract
सफ़र
Miss payal Khatik · 1 min read · 118 reads
मुश्किल है, डगर.... लम्बा है, सफ़र.... थोड़ा तू ठहर,..
Abstract
यादों की पुरवाई
Bhavna Thaker · 1 min read · 358 reads
बेरंगी बेनूर हर लम्हें शहीद की दुल्हन के अब तो सारे दिन है एक से।
Abstract
लाल बत्ती की जिंदगी
Vineeta Dhiman · 1 min read · 248 reads
मुझे रुक कर फिर चलने को कहती है मेरी लाल बत्ती की जिंदगी।
Drama
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