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#डांट
48 poems
माँ आप बहुत याद आती हो..
Versha Gupta · 2 min read · 268 reads
खाना न खाओ तो, देखना एक दिन कोई नहीं पूछेगा खाने के लिए सच में कोई नहीं पूछता खाने के लिए, क्योंकि अब तो मैं ही सबको बना कर खिलाने वाली
Inspirational
ओ मेरे पापा
Dimpy Goyal · 1 min read · 7.5K reads
किसी के जैसा मैं ना बन सकूं, मैं अपने जैसा हूं मेरी शख्सियत को बदलने की, न ज़िद करो पापा...
Inspirational
उस समय में खो जाता हूं
Sandeep Kumar · 1 min read · 290 reads
दिन रात एक कर अपना काम करता हूं।
Drama
माँ
Sanjiv Upadhyay` · 1 min read · 142 reads
मैं याद करूँ तो, रोता हूँ, कमरे में सबसे छुपकर के कोई दर्द अगर दे जाता है, माँ याद बहुत तू आती है
Others
माँ
kashmala sheikh · 1 min read · 187 reads
किस मोड़ पर आ गए मेरे मौला
Others
दो पीढ़ीओं की दास्ताँ
Ajay Singla · 2 min read · 127 reads
बच्चों को डांटना तो एक गुनाह हो गया है। हमारा बच्चा बच्चा नहीं , जहाँपनाह हो गया है।
Children Stories
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