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#दशक
9 poems
एक से ग्यारह
Ravi Purohit · 1 min read · 353 reads
सकारात्मकता को एक से ग्यारह कर दिया है।
Drama
गोलियों की आवाज़
Rishi Raj Singh · 1 min read · 509 reads
हर युद्ध के बाद बिखरी लाशों के संग बिखरी होती हैं बुलेट और ग्रेनेड की खाली खोलियाँ
Tragedy
चिट्ठी
Mayank Kumar 'Singh' · 1 min read · 164 reads
इस खालीपन में जिंदगी तब भी चला करती थी आज भी चला करती है
Abstract
नब्बे के दशक का प्यार !
पुनीत श्रीवास्तव · 2 min read · 176 reads
अब सब मगन हैं अपनी अपनी ज़िन्दगी में अलग अलग साथियों के साथ !
Drama
खिड़की बचपन की
Ritu Sama · 1 min read · 370 reads
टीचर की डाँट पे भी हँसी की फुआर आखरी बेंच पे किलकारियों की कतार एक दूसरे की नोटबुक पे लिखना चुटकुले और अनकहे राज़ कई हज़ार
Abstract
खत भाग -२
Deepti S · 1 min read · 549 reads
इसलिए बीते दशक के लोगों का दिल खत में बसता है।
Drama
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