Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#दाल
19 poems
एक और एक का चक्कर
Jai Prakash Pandey · 1 min read · 330 reads
ज्यों कच्चा चिठ्ठा खुलते देखा त्यों नौ दो ग्यारह होते देखा।
Drama
यादों की बारात होगी- ग़ज़ल
आकिब जावेद · 1 min read · 331 reads
थाम लोगे जब कलम को तुममें भी कुछ बात होगी।
Drama
गलियों में हिंदुस्तान देखा है
Soumya Swarup Nayak · 1 min read · 381 reads
मैंने थोड़ी सही पर गाँव की खुश्बू इन्हीं गलियों में पायी है।
Abstract
मेरा प्रिय भोजन
Vijay Kumar उपनाम "साखी" · 1 min read · 1.1K reads
अब समझने लगा हूं, जाता हूं वहाँ जहाँ प्रेम से बुलाते जीमने।
Comedy
हाँ! अब मैं प्रवासी हूँ!
Raju Kumar Shah · 1 min read · 23.5K reads
अब कर्जों में बैठा थाती हूँ हाँ अब मैं प्रवासी हूँ।
Abstract
मां
Altaf Hussain · 1 min read · 343 reads
दाल में नमक पूछती हुई मां ही असली मां है।
Abstract
Loading…
Next page →