StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- आंखों में क्यों नमी हैMonika Garg · 1 min read · 211 readsपूछते हैं सब मुझको,
क्यों उदास मेरा चेहरा।
क्यों तन्हा मैं इतनी,
तुम को एहसास नहीं है।Romance
- मिटटी, धूप और पानी !S Ram Verma · 1 min read · 316 readsस्त्री को मिट्टी, पुरुष को धूप
प्रेम को पानी,
होते हुए देखा है मैंने !Drama
- अहसास-ए-दर्दDurga Amlani · 1 min read · 7K readsआज उस रेत को दर्द बहुत होता होगा, तुम्हारे बदल जाने का अहसास वो भी महसूस करती होगी, आज वो भी हमसे मिलने के लिए तड़पती होगीRomance
- मैं एक स्त्री हूँAnita Lalit · 1 min read · 14.8K readsकभी भीगने की आस में सूखती जाती हूँ कभी सूखने की आस में, सीलती जाती हूँ ! भावनाओं की नमी ने ही, जोड़ रखा है मुझेInspirational
- सीता की अग्नि परीक्षा कब तकPreeti Sharma "ASEEM" · 1 min read · 214 readsअनंत काल से वर्तमान आँचल ममता लहराया नारी।Abstract
- पत्र जो लिखा, मगर भेजा नहीं...manish shukla · 1 min read · 267 readsबढ़ते हाथ रुक गए,
पत्र लिखा जो तेरे लिए,
मगर भेजा ही नहीं।Drama
Loading…