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#नाव
125 poems
निश्छल बचपन
Anshu Shri Saxena · 1 min read · 343 reads
उतना ही आसाँ है इस मासूम नशे में बार बार डूब जाना !
Drama
डोर
Rohini Tiwari · 1 min read · 154 reads
इस जीवन का कोई भरोसा नहीं , कब हो जाएगा क्या ये अंदाज़ा नहीं ! फिर भी जीवन को जी भर के जीते है लोग, दिल से दी गई दुआ
Inspirational
मोहब्बत के धागे उलझे हुए थे
Mayank Kumar 'Singh' · 1 min read · 263 reads
मैं रोज सुबह तुम्हें देखता, तुम मुझे देखती रहती थी मोहब्बत साकार हो जाता
Romance
बनना ऐसे तुम विरले
gyayak jain · 1 min read · 246 reads
स्वेच्छा को साकार जो कर दे, बनना ऐसे तुम विरले।
Abstract
ब्लैक होल
Renu Singh · 1 min read · 413 reads
ओह, ऐसा बेखटके आया ठिठका, मुस्काया।
Romance
उन्नाव गाँव
Vijay Kumar उपनाम "साखी" · 1 min read · 101 reads
वह ख़ुदा भी रो रोकर खून बहा रहा है फिर भी लोग कह रहे है ये तो अच्छाई की नाव है
Tragedy
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