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#पवन
143 poems
हलचल
Shital Yadav · 1 min read · 315 reads
पत्तियों की सरसराहट वन में पंछियों के साथ मिलकर गाती सन्नाटा रात का दूर भगाकर दिलों में अपनी जगह बनाती।
Romance
राम की जानकी
Sunil Gupta · 1 min read · 283 reads
इस कथा में आत्मा बसी जहान की क्यों राम जी से दूर जा रही है जानकी।
Drama
अब जागो तुम
Nalanda Wankhede · 1 min read · 458 reads
कमल दल खिलने से प्रफुल्लित धरा हुई नवजीवन का राग छेड़ने भोर हुई।
Abstract
बीती रात
Shraddha Gaur · 1 min read · 202 reads
सब जन हुए वहीं एकत्रित जहां हुआ था मनमोहक शोर।
Abstract
कमल दल
Archna Goyal · 1 min read · 225 reads
भोर हुई तब ताजगी सी महसुस हुई जैसे कमल दल खिले हो बीती रात में।
Romance
आ बैल मुझे मार
Mr. Akabar Pinjari · 1 min read · 927 reads
थक चुका हो आसमां, या रुक गई हो चांदनी, चल पड़ी हो या पवन, या दहकती हो रौशनी
Inspirational
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