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#बना
10 poems
तलबगार
Poonam Kaparwan · 1 min read · 76 reads
राज़दार बना लीजिए!
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" प्रतिबन्ध बना मेरा कुंडल "
Lakshman Jha · 1 min read · 264 reads
बालक थे तो मेरी माँ कहती थी 'आग से जरा हटके रहो' बाबा कहते थे 'लालटेन से जल जाओग
Others
अन्तर मन में दीप जगा दो ।
Neeraj pal · 1 min read · 248 reads
अन्तर मन में दीप जगा दो , सूनी बगिया के फूल खिला दो । अन्तर मन में.....
Romance
दिल कहता है
Vidya Sharma · 1 min read · 434 reads
चलो जाने भी दो यह बातें तुम मेरे हो यही ख्याल दिल को अच्छा लगता है।
Romance
कोरोना का क़हर
Binod Murmu · 2 min read · 160 reads
लक्षण हैं इसके खांसी जुकाम सर्दी।
Tragedy
देखो मैं मुश्कुरा रहा हूँ
Rahul Raj · 1 min read · 155 reads
हिचकोले खा रही है जिंदगी फिर भी संतुलन बना रहा हूँ, वीरान ना लगे! ये सफर कहीं, कई त
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