Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#बाढ़
14 poems
धूप में पहली बारिश
namrata srivastava · 1 min read · 211 reads
नींद से जागी उमर को पकड़े बाढ़ बनकर किताबों में रिस रही है।
Tragedy
समझ नहीं आता
JATIN KUMAR · 1 min read · 168 reads
किसानो की ख़ुशी है ये बारिश। रेगिस्तान की प्यास है ये बारिश। क्या है इस बारिश में समझ नहीं आता।
Others
2019 की यादें 2020 से उम्मीदें
Santosh Shrivastava · 1 min read · 354 reads
नव वर्ष तुम्हारा स्वागत है
Others
प्रेम और कविता
Bhawna Vishal · 1 min read · 384 reads
तब स्मृतियों की दरारों में उग आती है कविताएं
Abstract
सड़क अज़नबी
Amit Kori · 1 min read · 125 reads
हम रह गए, वो कह गए बाढ़ ऐसी आयी, के सब बह गए
Abstract
बाढ़
Rajkumar Jain rajan · 1 min read · 145 reads
बेशर्मी के साथ खड़ा नँगा दरवाजा मेरे अभावों का उड़ाता है मज़ाक
Others
Loading…
Next page →