StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- प्राइवेट नौकरी वालाSapna Shabnam · 2 min read · 395 readsऐसा नहीं है कि वो प्यार नहीं करता
उसकी कलियों सी मुस्कान
देख वो भँवरा सा बन जाता है
पर ज़िन्दगी के दो पहलुओं में
इस क़दर उलझा है वो
कि अक़्सर ख़ुद को भूल जाता है।Tragedy
- एक आलोचकPriya Srivastava · 1 min read · 3.1K readsआलोचना का सामना किया,
सामने खड़ी थी हमारी माँ।Drama
- आईने से झूठ न बोलोप्रणव अभ्यंकर 'आवारा' · 2 min read · 7K reads'हो गए मोटे, मान भी लो, लगते हो लोटे, मान भी लो, सुट्टा नहीं छूटे, मान भी लो, खैनी हो कूटे, मान भी लो। बढती उम्र के परिवर्तन।Others
- वर्क फ्रॉम होमDinesh paliwal · 1 min read · 265 readsजल्दी खोलो आफिस माधव,
हमसे ना होता वर्क फ्रॉम होम।Comedy
- मदारीPradeep Sahare · 1 min read · 289 readsलेकर क्षण भर श्वास,
थोड़ी सुकून की।
सुनता फिर,
बॉस के मन की।Fantasy
- कोरोनाIndu Tiwari · 1 min read · 231 readsदेखा बॉस का केबिन
खाली है और हर कर्मचारी
पूरे ऑफिस को सेनिटाइज
करने में लगा हैAction