Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#भीड़
173 poems
भीड़
भीड़
Nilabh Singh · 1 min read · 13.3K reads
भीड़ के टुकड़ों में बँट गया शहर मेरा...
Inspirational
इंसान
इंसान
Nilabh Singh · 1 min read · 13.3K reads
उसके लिये जीना फिर से आसान हो गया खुदा बना फिरता था, अब इंसान हो गया।
Others
सम्पूर्ण है वह
Agrawal Shruti · 1 min read · 7.1K reads
ममता, समर्पण, माधुर्य वही है, परहित में खुद मिट जाती है वो !कोमल तन-मन मगर हौसला, कि वक्त से भी भिड़ जाती है वो
Inspirational
लिखा नहीं एक शब्द
Amit Mall · 1 min read · 6.8K reads
आदमी अब भीड़ लगने लगा है , जिया नहीं एक शब्द, आसमान का विस्तार सिमट गया था मुझ में, भरा नहीं गया एक शब्द
Abstract
हांक ले गया भीड़ को
Dr J P Baghel · 1 min read · 202 reads
एक एकता भीड़ की सारे एक अनेक हांक ले गया भीड़ को आगे पीछे एक
Inspirational
बुरी लत
Dinesh Sen · 1 min read · 188 reads
आते हैं परिणाम सभी के अच्छे और जो भी हैं बदी के
Tragedy
Loading…
Next page →