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StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#माॅं
81 poems
माँ
Dipesh Dipesh · 1 min read · 29 reads
बूढी होने पर आप कैसा दिखना चाहेंगे...? अपनी माॅं की तरह ही...?
Others
माँ की ममता
Ansh Maurya · 1 min read · 290 reads
जब बच्चे को दर्द होता है तो आंसू माॅं की आॅंखों से गिरते है...!!!
Others
जिस्मानी भूख
Nandini Sahu · 1 min read · 479 reads
नन्ही सी जान के साथ भी जिस्म का खेल खेलते है लोग...!!!
Others
क्यूं ?
kishor zote · 1 min read · 261 reads
औरत का कोई वजूद है भी नहीं.? क्या वह हरदम पराया धन ही मानी जाएगी.? आखिर क्युॅं और कब तक.?
Others
फिर भी मैं पराई हूँ
Shikha Singh · 2 min read · 292 reads
दिनाेंदिन सास कि कही बातें सुनना, उनपर अमल करना, यहीं ताे काम है बहू का... लेकिन सबकुछ करने के बावजूद भी तू ताे रहेगी पराई ही...
Drama
जब मैं अपने जन्म स्थान के ओर
Shivam Rao · 1 min read · 299 reads
पुराने दोस्त, यार, मित्र, वह यादें और घर, माॅं सब कुछ याद आता है ना कभी कभी...
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