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#मोम
58 poems
पीड़ा
Amresh Singh · 1 min read · 7.3K reads
सुदामा-सी दीनता में, मुफलिसी के ख़्वाब, कहाँ महलों से संभलते हैं। पीड़ा को नित, सन्दर्भ नए मिलते हैं ।
Others
आंसू
Vijay Kumar उपनाम "साखी" · 1 min read · 302 reads
साखी ये आंसू ख़ुदा कसम इंसानों को खो बैठे है।
Abstract
मेरी मॉं
Archana Srivastava · 1 min read · 122 reads
क्या तुमसे कहूँ क्या तुमको कहूँ, तुम हो अजीब बस माँ।
Others
बहुत ज़िंदा रह चुकी हूँ मैं
Niharika Singh (अद्विका) · 1 min read · 231 reads
जाने भी दो अब, बहुत ज़िंदा रह चुकी हूँ मैं।
Abstract
पत्थर और मोम
Priti Ag Surana · 1 min read · 320 reads
दिल होता जो पत्थर का तो डर नहीं था मुझको कोई मोम से दिल को, चरागों से दोस्ती महँगी पड़ जाएगी
Romance
नारी
Anju Motwani · 1 min read · 170 reads
मोम के जैसे सांचों में मैं हूँ ढली मैं ही जननी बनी सृष्टि मुझसे चली जिंदगी में मिली लाख मुश्किल मगर गर्दिशों में कभी भी ना
Inspirational
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