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#युग
137 poems
समय
Vikas Sharma · 1 min read · 389 reads
तेरे – मेरे जीवन की घटनाओं से , इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता , ये जानता है अपनी मंज़िल , इसे कोई नहीं रोक सकता है ,
Inspirational
कुछ रिश्ते अनकहे से
Kanchan Hitesh jain · 1 min read · 163 reads
अब दोस्ती सिर्फ ओनलाइन और दोस्त सिर्फ डी पी में
Others
नदी हूँ मैं
Dr Ranjana Verma · 1 min read · 226 reads
मानव के कर्मों से बनी त्रासदी हूँ मैं नदी हूँ मैं।
Abstract
मैं नदी हूँ
manisha sahay · 1 min read · 327 reads
मैं खुद को खो बैठी हूँ, मैं नदी लुप्त हो रही हूँ।
Tragedy
जवाब दो
Dr Alka Mehta · 3 min read · 345 reads
शायद फिर मिलेगा जवाब उन सवालों का कि सीता की अग्नि-परीक्षा होगी कब तक।
Abstract
शिव की शक्ति
राही अंजाना · 1 min read · 361 reads
अनंत काल से वर्तमान आँचल ममता लहराया नारी।
Abstract
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