Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#राख
92 poems
चुल्हा
Mrunal ghate · 1 min read · 209 reads
ये उड़ने वाली राख आंखों में आसूंओं के सिवा कुछ न देगी. लेकिन इसे हटाना जरुरी है ।
Abstract
अंतिम आरामगाह
MUKESH GOEL · 1 min read · 5.7K reads
मन में जाग उठता है बैराग लगता है जी रहे हैं हम व्यर्थ ही जो भी कमाया था जीवन भर सब तो यहीं रह गया है
Inspirational
ये जिंदगी सिगरेट के जैसी है
निखिल कुमार अंजान · 1 min read · 1.9K reads
इसे तो सिर्फ कश लगाने से मतलब चाहे कोई सी भी हो छोटी हो या बड़ी समय तो राख बनाएगा।
Drama
खाक मन
Nidhi Dubey · 1 min read · 408 reads
ख़ाक हो कर भी संतुष्ट हो, अधजला ना ये रह पा सके।
Romance
विचारों की छाया
Venkatesh R · 1 min read · 217 reads
ये सभी बुराई विचारों की छाया समाप्त हो जाए।
Abstract
हाथ
Sunita Katyal · 1 min read · 276 reads
मिट्टी ही सब कुछ है उसके लिए...
Classics
Loading…
Next page →