Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#रुख
23 poems
महक जिंदगी की..!!
Deepu Bela · 1 min read · 274 reads
मैंने पूछा चमन के इन फूलों से कितना आसान होगा यूं महकना और मधुमक्खी को अपनी ओर खींचना
Others
हालात
राही अंजाना · 1 min read · 432 reads
निकल पाती ही नहीं कहीं मैं घर से चाहूँ जितना, डर का मेरे खुले बाज़ार में लगाता मोल
Tragedy
वक़्त
Neha Yadav · 1 min read · 82 reads
प्रकृति ने अपना रुख मोड़ लिया है।।
Others
रिश्तों की राहें
संदीप कुमार · 1 min read · 296 reads
प्यार बदला, सबके नजरीया भी बदला, पगदंडीया भी बोल उठी इतरा कर, रिश्तों कि राहे कुछ हमने भी बदले
Abstract
बारिशें
Husan Ara · 1 min read · 353 reads
मगर ये दुनिया भी देखेगी आज़माइशें भी ज़रूर होंगी।
Abstract
चाँद क्यों रुठा सा है..
Ramkumari Karnake · 1 min read · 336 reads
रंग काला बादलों का है, या चाँद आज रूठा - सा है।
Abstract
Loading…
Next page →