StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- समयRekha gupta · 1 min read · 330 readsभूत, भविष्य और वर्तमान,
सब सुन्दर और स्वप्निल हो जाता है।Abstract
- समय का खेलKusum Joshi · 1 min read · 289 readsजब जाऊंगा इस दुनिया से,
फिर हाथ नहीं फैलाऊँगा।Drama
- अगर मैं सवेराRoli Abhilasha · 1 min read · 385 readsएक नन्हा सा बीज
जैसे कोई रोप गया मन में
ऐसे आया कि बस गया
मन के वृंदावन मेंRomance
- आत्मबलNishi Singh · 1 min read · 456 readsडर के लहरों से भला,
तू साहिल पे है क्यों खड़ा?Inspirational
- तू तो सरहदों का वारिस हैSawan Pareta · 1 min read · 165 readsतू ही देश का रक्षक, तुझ से ही सियासत है
क्या लिखू तुझ पे, तू तो सरहदों का वारिस है,
मालिक है तू वतन काInspirational
- २०५० मेंSandeep Gupta · 1 min read · 178 readsकल किसने देखा है,
पर दुआ तो माँग ही सकते हैं हम,
ख़ुद के लिए,
अपनों के लिए,
या फिर,
ग़ैरों के लिए ही सही।Drama
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