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#लाड़
7 poems
माँ आप बहुत याद आती हो..
Versha Gupta · 2 min read · 268 reads
खाना न खाओ तो, देखना एक दिन कोई नहीं पूछेगा खाने के लिए सच में कोई नहीं पूछता खाने के लिए, क्योंकि अब तो मैं ही सबको बना कर खिलाने वाली
Inspirational
माँ की ममता
Reetu Singh Rawat · 1 min read · 11.7K reads
तू मासूम, तू मेरे लिए ईश्वर का दिया एक प्यारा सा खिलौना है
Others
माँ मैं अब बड़ी हो गयी…
Nisha Mandani · 1 min read · 2.8K reads
चंचल थी अब समझदार हो गयी, अब लगता है माँ मैं बड़ी हो गयी ।।
Abstract
एक अभिशाप
Kawaljeet Gill · 1 min read · 244 reads
बड़े लाड़ प्यार से उसको खुद से दूर विदा करते हैं...
Tragedy
मेरा बचपन
RAVI SHEKHAR · 1 min read · 160 reads
नादानियों और शैतानियों से भरा हुआ था मेरा बचपन
Children
पिता जैसा भाई
Neetu Tyagi · 1 min read · 61 reads
भाई मैं क्यों दिखते हैं पिता पिता थे तो भाई भाई दिखता था
Others
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