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#वंश
28 poems
भ्रुण हत्या
Ratna Kaul Bhardwaj · 1 min read · 341 reads
जीवन की कड़ियों को यही तो मिलाती है।
Abstract
गर्भपात
Jyoti Verma · 1 min read · 232 reads
और क्यूँ ये पक्षपात की नींव धरे ?
Tragedy
औरत
Sara Garg · 1 min read · 215 reads
औरत अपने हौसले से, दूसरों की तकदीर बदलती है, औरत अपनी उन्नति से, राष्ट्र की उन्नति करती है।
Drama
पीढ़ी-पीढ़ी ज्ञान बदलता
Deepak Kumar Soni · 1 min read · 234 reads
नहीं देखना और किसी को, रंगना यही बस रंग मुझे।
Drama
क्या इसी लायक हैं हम बेटियाँ
Sahenur Begum · 1 min read · 221 reads
दर्द सह के चुप रहने लिए हैं बेटियाँ अपने मन के कपड़े पहने तो बाजारू
Others
"वंश बेल.. बेटा या बेटी.?"
Poonam Bagadia · 1 min read · 434 reads
समाज आज भी इनको अपनाना नहीं चाहता हैं तो फिर,आप सब ही बताए कैसे यह समाज बदलेगा?
Abstract
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