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#शहर
572 poems
शहर जल गया
Jagdish Pandey · 1 min read · 20.2K reads
चाँदनी थी रात अचानक मौसम बदल गयाबरसा बादल इस कदर कि शहर जल गयाचाँदनी थी रात अचानक.............. कुछ पल के लिये गया मैं शहर से दूर अपनेंउन लम्हों में क्या हुवा जो मंजर बदल गयाचाँदनी थी रात अचानक..............
Others
प्रकृति का संहार
Akanksha Gupta · 1 min read · 444 reads
समझना जरूरी है कीमत प्रकृति की, वक्त गुजर रहा है मुट्ठी में बंद रेत की तरह।।
Drama
जंगल
Rashmi Jain · 2 min read · 539 reads
चल, ले चलूँ तुझे जंगल की सैर कराने घने वृक्षों की छांव में एक आशिया बनाने।
Children Stories
शहरों की सड़कों पर...
Kalpesh Vyas · 1 min read · 672 reads
वो अचरज मे पड़ जाते हैं शहरों की सड़कों पर...।
Comedy
बागवाँ
Kumar Vikash · 1 min read · 765 reads
महफ़िलों में आज भी मुस्कुराते चेहरों में तुम नजर आते हो !
Inspirational
काश ये फरवरी ना होती !
Amit Singh · 1 min read · 252 reads
ना कोई जादू होता ना कोई जादूगरनी होती ना वो शहर होता ना ये बर्बादी होती !
Drama
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