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#सदी
35 poems
कविता
Rashi Singh · 1 min read · 7K reads
काम आयेंगे जल की तरह वो भी ,हिचकी बंध जाये नहीं रोना तो भी , जल के अम्बार यूँ तो समेटे है नदी....
Inspirational
वस्ल का जादू
वस्ल का जादू
S Ram Verma · 1 min read · 339 reads
जब तुझ से बिछड़ कर, पाँव जब छलनी थे और वफ़ा घायल तब भी जाने क्यों तेरी याद आई
Romance
बेटियाँ
Salil Saroj · 1 min read · 415 reads
बेटियाँ हैं तो ही सब है ये क्यों नहीं चाहते हो।
Classics
इक्कीसवीं सदी
Sanjay Pathade Shesh · 1 min read · 90 reads
लड़के से लड़की के परिधान हैं...
Others
इक्कीसवीं सदी में
Kamlesh Malik · 1 min read · 7K reads
इक्कीसवीं सदी में
Others
नज़्म- ज़ीस्त मेरी नदी हो गई है
आकिब जावेद · 1 min read · 200 reads
साथ रहते थे आकिब' मजे से सोच क्यों मज़हबी हो गई है।
Abstract
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