StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- "सड़क सुरक्षाPushp Lata · 1 min read · 2.1K readsहरी - हरी जब बत्ती दिखती
निकले सीना तान
सड़क सुरक्षा का पापा जी !Drama
- मै हूं, हर भीड़ में, हर चेहरेAshutosh Shrivastwa · 1 min read · 220 readsमैं हूं, यहीं कहीं, हर भीड़ में हर चेहरे पर।Abstract
- कीमतHusan Ara · 1 min read · 407 readsमानो या न मानो मर्ज़ी तुम्हारी है
फायदा तुम्हारा है अगर मान जाओगे।Drama
- बचपनTARUN KUMAR RAJ · 2 min read · 22.7K readsबस "तरुण" उन्हीं यादों को, फिर से याद दिलाना चाहा है।Abstract
- खिड़की वाली सीटPradeep Singh Chamyal · 1 min read · 7.3K readsवो ठहरे हुए पेड़,
ओर चलता हुआ सूरज,
जो अपने और पराये का भेद बताते हैं।Drama
- रेलगाड़ीSandeep Gupta · 2 min read · 308 readsबच्चों के तो भाग खुले हैं,
खिड़कियों पर क़ब्ज़ा जमाते,
रेलगाड़ी को खेल गाड़ी बनाते,
धमा-चौकड़ी मचा मचा के,
किसी को लुभाते,Others
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