Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#सोच
541 poems
कहीं वो तुम तो नहीं....
कहीं वो तुम तो नहीं....
शोभना ऋतु · 1 min read · 6.5K reads
ज़िन्दगी की कशमकश से कोई मुझे हर बार उबार लेता है देकर मेरे होठों को मुस्कुराहट ग़म भी मेरे उधार लेता है कहीं वो तुम तो नहीं।
Others
बेबाक औरतें
Asha Pandey 'Taslim' · 1 min read · 281 reads
अंदर अंदर कुछ कचोटता है खुलेपन की बिंदास मुस्कुराहट ओढे़ खुद ही खुद से लड़ती हैं बेबाक औरतें बहुत मुश्किल हो जाता है ....
Others
सोच लोगों की
Ajay Sri · 1 min read · 20.6K reads
सोच लोगों की
Others
आशाएँ
manisha sinha · 1 min read · 206 reads
मन के खोखलेपन को अब ना मंज़िल की रुकावट बनने दे।
Inspirational
ख्वाब
Ezaz Hussain · 1 min read · 162 reads
अक्सर मेरी नींदों में क्या अब भी मुझे बुलाता है !
Romance
मन
Amit Soni · 2 min read · 294 reads
यह कविता मन की शांति की तलाश में भटकते मनुष्य की मनोदशा को दर्शाती है। बाहर भटकने से कभी मन की शांति नहीं।
Abstract
Loading…
Next page →