StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- औरत का कहीं तोल नहींHarshita Dawar · 2 min read · 138 readsमैं औरत हूं,
बहन हूँ ,बेटी हूं,
मां हूं,अभिमान हूं,
अभिशाप नहीं।
सिर्फ रोटियां सेंकTragedy
- नारीAMIT KUMAR · 1 min read · 358 readsजब भी कोई दुष्कर्म करे
तो मुझको ग़लत बताते हो,
क्या सिर्फ लिबास ही दिखता है,
मां, बहनOthers
- फ़र्कNeha Rawat · 2 min read · 6.9K readsयह फ़क्र नही यह फर्क है।
Comedy
- विकासArvina Ghalot · 1 min read · 92 readsपास आओ नाOthers
- ख़ौफ़-ज़दा इंसानChanderkant Chanderkant · 1 min read · 42 readsAfraid of expressing ourselvesDrama
- बुनियाद हूँZahiruddin Sahil · 1 min read · 179 readsबाप के कलेजे की राहत
माँ की दिलो-जां,चाहत,
शौहर के अरमानों की मूरत
बच्चों की ढाल,हिफTragedy
Loading…