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Poem · Drama

15 अगस्त

by नवल पाल प्रभाकर दिनकर ✓ · 3 Aug 2018

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मुझे खुशी होगी तब, जब इस देश से इन शत्रुओं का, नामोंनिशान मिटाकर, आराम से धरती की गोद में, मिट्टी में इसकी सो जाऊँगा...!

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15 अगस्त · StoryMirror