by Kashish Verma ✓ · 29 Jul 2019
आज ये एक दुःख़द कल्पना है बच्चों ,तुमसब बच्चे यदि न चेते तो ये कजल की भयवाह सच्चाई है ,अपने जीवन में प्रकृति को एक पेड़ धन्यवाद स्वरूप हम सब यदि दें तो ये कोरी कल्पना ही रहे। ..और प्रकृति मुस्कुराये और हमसब इसकी गोद में महफूज़ रहें
Loading comments…
Loading comments…