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#Insaan
7 poems
इंसान सा बस रह गया है
Manisha Kanthaliya · 1 min read · 42 reads
चाहतों का चादर सिमट कर रूमाल सा बस रह गया है
Others
आत्म विश्वास
Teesha Mehta · 1 min read · 782 reads
अग्निमय हो गया तो क्या हुआ, बन जा तू अग्निमणि...
Drama
ऑक्सीजन
Shailaja Bhattad · 1 min read · 201 reads
इसीलिए तो आज कंक्रीट का जंगल बन पड़ा है
Abstract
हम जहाँ रहते हैं
DIKSHA MEHTA · 1 min read · 255 reads
जहाँ ज़िन्दगी खुद के सुकून के लिए नहीं बल्कि एक दूसरे को हराने के लिए जी जाती है।
Abstract
कश्मीर फाइल
Sonias Diary · 1 min read · 302 reads
और इंसान बस खड़ रहा... हे इंसान तेरी चाहत है क्या....
Tragedy
सीख रही
Sonias Diary · 1 min read · 290 reads
कहानी पढ़ी बहुत अब... चेहरे पढ़ना सीख रही ।
Others
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