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3 poems
सधन्यवाद !!
Arun Pradeep · 1 min read · 13.8K reads
सूचित किया -- " स्थानाभाव के कारण, आपकी रचना का सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं , इसीलिए , ' सधन्यवाद' वापस भिजवा रहे हैं .
Others
अब मुझे फर्क नहीं पड़ता
Gaurav Mishra · 2 min read · 14K reads
मैं अकेला ही खुश हूँ अब, नहीं हाथों में अब मुझे तेरा हाथ चाहिए...!
Drama
तुम जरुरी हो
Shubham Srivastava · 1 min read · 367 reads
भले ही आज हो सुर में तंगी पर बनेगा एक दिन तू सारंगी।
Inspirational