Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#Night
44 poems
शब्बा खैर
Vandana Sinha · 1 min read · 2.1K reads
शब्बा खैर !
Drama
चाँद और रात
pritam Karandikar · 1 min read · 1.4K reads
भूल मत पर रात तो खुद एक टीका है, वो चाँद ही है जिसे लगता है ग्रहण...!
Drama
रात पे इल्ज़ाम
Sweta Kansal · 1 min read · 14.1K reads
सूरज की किरणों को एकनई दुल्हन की तरह सजा कर लाती है...
Fantasy
अमावस का चन्द्रमा
Anantram Choubey · 1 min read · 6.8K reads
अमावस की रात है चन्द्रमा बिन ऐसी ही काली अंधेरी होती है...
Drama
इस रात की सुबह नहीं
Sunil Choudhary · 1 min read · 14.1K reads
अंधेरा बढ़ता ही जा रहा था रात और भी घनी होती जा थी मानो, इस रात की सुबह नहीं...!
Drama
रात
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 1.3K reads
रश्मि सज-धज कर देखो चली है मिलने प्रियतम से।
Drama
Loading…
Next page →