Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#Oldagehome
58 poems
कृति विकृत क्यूँ ?
Shailaja Bhattad · 1 min read · 7.4K reads
कृति विकृत क्यूँ ?
Drama
बुढ़ापे का मज़ा लीजिये
Yogesh Suhagwati Goyal · 1 min read · 14.8K reads
बेवजह की चिंता छोड़कर, बुढ़ापे का मज़ा लीजिये।
Drama
बूढ़ा दर्ज़ी
Parul Chaturvedi · 2 min read · 14K reads
बूढ़ी आँखों पर लगा के चश्माकोशिश करता था फिर वोकड़वी दुनिया सी सुई के अंदरपिरोने जीवन के धागे को
Inspirational
बचपन
Sonam Kewat · 2 min read · 1.4K reads
सोचता रहता हूँ बस अब उम्र है पचपन की, मुस्कराता हूँ जब याद करूँ पल बचपन का...।
Drama
वृद्धाश्रम
Ashish Aggarwal · 1 min read · 14.3K reads
अब भी उम्मीद लगाकर बैठे कि छूऐगा आकर पैरों को, तेरी राह देखते-२ अबतक बूढ़ी आँखों में थकान ना हुई..........................
Others
अब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ
Parul Chaturvedi · 2 min read · 16.4K reads
खोल के मनचाही किताब के पन्नेपढ़ते-पढ़ते ही सोने लगा हूँशायद लोग सही कहते हैंअब मैं बूढ़ा होने लगा हूँ
Inspirational
Loading…
Next page →