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#Saree
2 poems
साड़ी
Yuvraj Gupta · 1 min read · 1.7K reads
साड़ी क्यों नहीं पहनती तुम ? पहना करो अच्छी लगती हो ... सूखे पत्तों के बीच, गुलाब की पंखुड़ी लगती हो।
Drama
माँ की साड़ी का पल्लू
Yogesh Suhagwati Goyal · 2 min read · 3.7K reads
मुझे नहीं लगता कि कभी कोई ऐसा आविष्कार हो पायेगा जो इतने उपयोगी, साड़ी के पल्लू से, आगे निकल जायेगा “योगी” चाहे जो कह लो,
Drama