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36 poems
क्या थी मैं और क्या हो रही हूँ
Riya Jain · 2 min read · 67 reads
चलों मान लेती हूँ मेरी ही स्कर्ट छोटी थी पर तुम्हारी नीयत का क्या?
Tragedy
लक्ष्मी बाई
Dikshita Sharma · 1 min read · 50 reads
लक्ष्मी बाई’आज से शुरू इसके अस्तित्व की लड़ाई।
Tragedy
राखी और समाज
Himanshu Sharma · 1 min read · 40 reads
स्त्री हो किसी रूप में, बिना इनके आदमजात सूना है!
Inspirational
मैं कमजोर नही
Sonia Chetan kanoongo · 1 min read · 24.2K reads
एक औरत ही औरत की दुश्मन बन जाती है!
Tragedy
एक व्हेशी की सज़ा मुकम्मल
Anand Prakash Jain · 1 min read · 356 reads
समय सज़ा मुकम्मल कर जाता है, कोई मनचला महबूब उसे मंडप से ही उड़ा ले जाता है।
Tragedy
एहसास
Upama Darshan · 1 min read · 1.4K reads
भौतिकता के इस युग में यह कैसा विकास है जज़्बात गुम हो गए बस रिश्तों का एहसास है...
Drama
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