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14 poems
शाख से पत्ते टूटे हैं
Payal Dholakia · 1 min read · 1.7K reads
शाख से पत्ते टूटे हैं...।
Drama
आखिर पीपल रोता क्यों है ?
Asha Pandey · 1 min read · 13.9K reads
एक ओर हरा-भरा गाँव बजती हैं जानवरों के गले की घंटियाँ चरवाहों की हँसी के साथ दूसरी ओर रिसता है पीपल गाँव में है चर्चा...
Drama
वृक्ष हमारी रक्षा करते
Dhananjay Kaushik · 1 min read · 7.2K reads
वृक्ष हमारी रक्षा करते हम उनको ना बख़्शा करते। तिल-तिल जलते सूर्यताप में वृक्ष किनारे सुस्ता करते।
Drama
वृक्ष साथी हमारा साथ दे जाता
H K Mahto · 1 min read · 13.6K reads
बन कर कदम बढ़ाता, वृक्ष साथी हमारा साथ दे जाता...!
Drama
जाने कहां गये वो दिन
Indu Barot · 1 min read · 22.7K reads
कर प्रदूषण मुक्त धरा को,आने वाले कल को हम बचायेंगे ।
Others
बरगद आजकल
Yogesh Suhagwati Goyal · 1 min read · 7.9K reads
“योगी” सही ही कहा है, जहाँ बरगदों की भरमार हो वहां पौधे तो क्या, झाड़ी और घास भी नहीं पनपते...!
Drama
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